Haryana Ek Musht Nipatan Yojana 2025
Haryana Ek Musht Nipatan Yojana 2025

Haryana Ek Musht Nipatan Yojana 2025: लघु उद्यमियों को आर्थिक सहारा

हरियाणा सरकार ने छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को आर्थिक राहत प्रदान करने के उद्देश्य से “हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना 2025” (Haryana Ek Musht Nipatan Yojana 2025) की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य व्यापारियों को उनके बकाया कर विवादों से राहत देना और राज्य के व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाना है।

यह योजना विशेष रूप से उन व्यापारियों और उद्यमियों के लिए लाभकारी होगी, जो बकाया कर और जुर्माना के कारण वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

Haryana Ek Musht Nipatan Yojana Overview

योजना का नामहरियाणा एकमुश्त निपटान योजना 2025
घोषणा की गईहरियाणा सरकार
लाभार्थीछोटे व्यापारी और उद्यमी
लाभकर विवाद समाधान, जुर्माना और ब्याज में छूट
प्रक्रिया का प्रकारऑनलाइन और ऑफलाइन
राज्यहरियाणा
शुरुआत की तिथिजनवरी 2025

Yojana का उद्देश्य

  • छोटे व्यापारियों को बकाया कर विवादों से राहत प्रदान करना।
  • जुर्माना और ब्याज में छूट देकर व्यापारियों को आर्थिक सहायता देना।
  • हरियाणा में व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना।
  • राज्य के राजस्व में वृद्धि करना।

Haryana Ek Musht Nipatan Yojana के लाभ

लाभविवरण
बकाया कर विवाद समाधानव्यापारियों के पुराने कर विवादों को सरल और तेज़ प्रक्रिया के माध्यम से हल किया जाएगा।
जुर्माना और ब्याज में छूटबकाया कर पर लगने वाले अतिरिक्त जुर्माना और ब्याज में राहत दी जाएगी।
आसान आवेदन प्रक्रियाआवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होगी।
आर्थिक सशक्तिकरणव्यापारियों को वित्तीय राहत देकर उनके व्यापार को मजबूत किया जाएगा।

पात्रता मापदंड

  1. निवास:
    आवेदनकर्ता हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  2. व्यापार पंजीकरण:
    व्यापारी का व्यवसाय हरियाणा राज्य में पंजीकृत होना चाहिए।
  3. कर विवाद:
    आवेदनकर्ता के पास बकाया कर विवाद का रिकॉर्ड होना चाहिए।
  4. अन्य सरकारी लाभ:
    आवेदनकर्ता को किसी अन्य योजना का लाभ नहीं मिल रहा होना चाहिए।

जरूरी दस्तावेज़

  • जीएसटी नंबर (यदि लागू हो)
  • व्यापार पंजीकरण प्रमाणपत्र
  • पहचान प्रमाण (आधार कार्ड/पैन कार्ड)
  • बैंक खाता विवरण
  • बकाया कर विवरण

आवेदन कैसे करें?

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:

  1. https://haryana.gov.in पर जाएं।
  2. “Ek Musht Nipatan Yojana 2025” पर क्लिक करें।
  3. आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक विवरण भरें।
  4. मांगे गए दस्तावेज़ अपलोड करें।
  5. फॉर्म को सबमिट करें और रसीद का प्रिंटआउट लें।

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:

  1. नजदीकी सरकारी कार्यालय या CSC केंद्र पर जाएं।
  2. योजना के आवेदन फॉर्म को प्राप्त करें।
  3. सभी आवश्यक जानकारी भरें और दस्तावेज़ संलग्न करें।
  4. फॉर्म जमा करें और रसीद प्राप्त करें।

योजना का प्रभाव

  • छोटे व्यापारियों को वित्तीय राहत प्रदान करेगा।
  • राज्य के व्यापारिक माहौल को बढ़ावा देगा।
  • कर विवादों को तेजी से हल करने में मदद करेगा।
  • हरियाणा के आर्थिक विकास में योगदान देगा।

2025 (ओटीएस योजना) का विकल्प कौन चुन सकता है?

हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना 2025 केवल इन सात संबंधित अधिनियमों में निर्धारित बकाया राशि पर ही लागू होती है:

  • हरियाणा मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2003;
  • केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, 1956;
  • हरियाणा विलासिता कर अधिनियम, 2007;
  • हरियाणा मनोरंजन शुल्क अधिनियम, 1955;
  • हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973;
  • हरियाणा स्थानीय क्षेत्र विकास कर अधिनियम, 2000;
  • हरियाणा स्थानीय क्षेत्रों में माल के प्रवेश पर कर अधिनियम, 2008

हरियाणा जीएसटी विभाग ने कहा, “कोई भी व्यक्ति या करदाता, चाहे पंजीकृत हो या नहीं, जिसके पास 30 जून, 2017 तक की अवधि के लिए निर्धारित बकाया राशि है, वह ओटीएस योजना, 2025 का लाभ उठाने का विकल्प चुन सकता है। यह ध्यान रखना होगा कि निर्धारित बकाया राशि 30 जून, 2017 तक की अवधि के लिए होनी चाहिए, लेकिन ओटीएस-1 आवेदन दाखिल करने की तिथि तक किसी भी समय निर्धारित की जा सकती है।”

2025 (ओटीएस स्कीम) का विकल्प चुनने के लिए कौन पात्र नहीं है?

परिपत्र के अनुसार, विवरण इस प्रकार हैं:

निम्नलिखित आवेदक इस योजना का लाभ उठाने के पात्र नहीं होंगे:

  • जिनके खिलाफ संबंधित अधिनियमों के तहत आपराधिक कार्यवाही शुरू की गई है।
  • जहां मांग संबंधित अधिनियम के तहत गलत तरीके से किए गए रिफंड से संबंधित हो।
  • जिनका ओटीएस योजना 2023 के तहत आवेदन इस योजना के निर्धारित दिन तक अस्वीकृत नहीं किया गया है।

ऐसे आवेदक संबंधित अधिनियम के अंतर्गत केवल उसी वर्ष के लिए इस योजना का लाभ उठाने के पात्र नहीं होंगे, जिस वर्ष ऐसी कार्यवाही शुरू की गई हो।

2025 (ओटीएस स्कीम) के क्या लाभ हैं?

परिपत्र के अनुसार, संबंधित अधिनियम की किसी भी धारा के तहत ब्याज और जुर्माने (लागू ब्याज सहित) की राशि पूरी तरह माफ कर दी गई है। 1 लाख रुपये तक के संचयी निर्धारित बकाया कर के आवेदकों को 1 लाख रुपये की छूट भी उपलब्ध है।

संचयी निर्धारित बकाया कर के किसी अन्य वर्ग में यह छूट उपलब्ध नहीं है। योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के इच्छुक आवेदक को योजना के तहत आवेदन करना होगा। छूट की गणना प्रत्येक संबंधित अधिनियम के लिए अलग से की जाएगी।

आवेदक को ओटीएस योजना की योजना आईए के अनुसार निर्धारित प्रतिशत बकाया कर का भुगतान करना होगा, जैसा कि नीचे दिया गया है:

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

1. हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना 2025 क्या है?

  • यह योजना छोटे व्यापारियों को बकाया कर विवादों से राहत देने और जुर्माना/ब्याज में छूट प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।

2. इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?

  • हरियाणा के पंजीकृत छोटे व्यापारी और उद्यमी, जिनके कर विवाद लंबित हैं।

3. आवेदन प्रक्रिया क्या है?

  • आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है।

4. इस योजना में कौन-कौन से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?

  • व्यापार पंजीकरण प्रमाणपत्र, आधार कार्ड/पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण, और बकाया कर विवरण।

5. क्या इस योजना में कोई शुल्क है?

  • हां, आवेदन के लिए नाममात्र शुल्क का भुगतान करना होगा।

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