नीचे “मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना 2025 (Mangla Pashu Bima Yojana 2025)” की पूरी जानकारी दी जा रही है — उद्देश्य, पात्रता, लाभ, प्रक्रिया, शर्तें आदि — जैसे कि उपलब्ध स्रोतों में वर्णित है:
राजस्थान सरकार ने राज्य के पशुपालकों के लिए Mangla Pashu Bima Yojana 2025 शुरू करके एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह योजना राज्य के 21 लाख पशुपालकों को उनके पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए अप्रत्याशित आर्थिक संकट से राहत प्रदान करेगी।
योजना का परिचय एवं पृष्ठभूमि
- यह योजना राजस्थान सरकार द्वारा पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने हेतु शुरू की गई है, ताकि पशुओं की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उन्हें वित्तीय सहायता मिल सके।
- इस योजना का नाम “मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना” (Chief Minister Mangla Pashu Bima Yojana, MMPBY) रखा गया है।
- पहली बार वर्ष 2024–25 में बजट घोषणा के दौरान इसका प्रस्ताव रखा गया।
- प्रारंभ में योजना के अंतर्गत 21 लाख पशुओं को निशुल्क बीमा कवर देने का लक्ष्य रखा गया है।
- इस योजना के लिए सरकार ने लगभग ₹400 करोड़ का बजट निर्धारित किया है।
योजना के प्रमुख बिंदु / विशेषताएँ
| विषय | विवरण |
|---|---|
| पशु की श्रेणियाँ | दुधारू गाय, दुधारू भैंस, ऊँट (उष्ट्र वंशीय पशु), भेड़, बकरी |
| बीमा अवधि | 1 वर्ष |
| प्रीमियम / शुल्क | पशुपालकों को इस योजना के लिए कोई प्रीमियम नहीं देना होगा — पूरा प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा भुगतान किया जाएगा। |
| लाभ राशि (क्लेम राशि) | – बड़े पशु (गाय / भैंस / ऊँट) की आकस्मिक मृत्यु पर ₹40,000 तक का बीमा लाभ मिलेगा। – भेड़ / बकरी की मृत्यु पर 10 पशुओं की एक इकाई पर ₹40,000 का लाभ (या इनके अनुरूप) मिलेगा। |
| पशु की टैगिंग अनिवार्यता | केवल टैग वाले पशुओं को ही पंजीकरण एवं बीमा कवर मिलेगा। अगर पशु टैग नहीं है, तो पहले टैगिंग करानी होगी। |
| लॉटरी / चयन प्रक्रिया | क्योंकि पशुओं की संख्या लक्ष्य से अधिक हो सकती है, चयन “लॉटरी” के माध्यम से किया जा सकता है। |
| प्राथमिकता समूह | गोपाल क्रेडिट कार्ड धारक पशुपालक और “लखपति दीदी” पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाएगी। |
| आरक्षण प्रावधान | अनुसूचित जाति (SC) व अनुसूचित जनजाति (ST) पशुपालकों के लिए 16% तथा 12% लक्ष्य आरक्षित रखा गया है। |
पात्रता शर्तें
पशुपालक या पशु को इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
- आवेदक राजस्थान का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदक के पास जनाधार कार्ड (जन आधार) होना चाहिए।
- आवेदक की वार्षिक व्यक्तिगत आय ₹8,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- वही पशु बीमित होंगे जिनका पहले से किसी अन्य योजना के अंतर्गत बीमा नहीं हुआ हो।
- चयनित पशु की उम्र व अन्य मानदंड योजना में निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए (उम्र सीमा, उत्पादन क्षमता आदि)।
- पंजीकरण के समय पशु की टैगिंग अनिवार्य है।
- अधिकतम पशु संख्या: एक पशुपालक के लिए अधिकतम 2 दुधारू गाय या 2 दुधारू भैंस या 1 गाय + 1 भैंस, या 10 बकरी / 10 भेड़, या 1 ऊँट का ही बीमा किया जाएगा।
पंजीकरण / आवेदन प्रक्रिया
- राजस्थान सरकार ने इसके लिए एक पंजीकरण पोर्टल / फॉर्म शुरू किया है।
- आवेदनकर्ता को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पशु विवरण आदि भरना होगा।
- मोबाइल ऐप “Mangla Pashu Bima Yojana” भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से पंजीकरण किया जा सकता है।
- कुछ मामलों में, ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।
- पंजीकरण की अंतिम तिथि को बढ़ाया गया है — पहले 12 जनवरी 2025 थी, बाद में 31 जनवरी 2025 तक बढ़ा दी गई।
- ग्राम पंचायत स्तर पर 23 जनवरी से 31 जनवरी तक शिविरों का आयोजन किया गया, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक पंजीकरण कर सकें।
क्लेम प्रक्रिया (दावा प्रस्तुत करना)
- यदि बीमित पशु की आकस्मिक मृत्यु होती है, तो लाभार्थी को सूचना देना होगा और पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
- पशु चिकित्सक, सर्वेक्षक आदि द्वारा घटनास्थल पर जांच की जाएगी।
- दावा स्वीकार होने पर 21 कार्य दिवसों के भीतर भुगतान किया जाना प्रस्तावित है।
चुनौतियाँ / व्यवहार में स्थिति
- योजना को लागू करने में आरम्भ में पंजीकरण की रुचि अपेक्षा से कम रही। कई जिलों ने लक्ष्य का पूरा पंजीकरण नहीं किया।
- आवेदन की अंतिम तिथि कई बार बढ़ाई गई है ताकि अधिक लोग इसका लाभ ले सकें।
- पशु टैगिंग, अन्य बीमा योजनाओं से जुड़े प्रतिबंध व चयन प्रक्रिया (लॉटरी) आदि कारणों से कुछ पशु पात्र नहीं हो पा रहे।
आवश्यक दस्तावेज़
पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी:
- जन आधार कार्ड (Jan Aadhaar Card) – यह योजना के लिए अनिवार्य है
- आधार कार्ड (Aadhaar Card) – पता और पहचान प्रमाण के रूप में।
- पशु की टैग संख्या (Tag Number of Animals) – बीमित पशु की पहचान के लिए।
- पशुपालक का फोटो (Photograph of the Farmer with the Animal) – पशुपालक और पशु की पहचान के लिए।
- मोबाइल नंबर (Mobile Number) – जो आधार से लिंक हो।
- गोपाल क्रेडिट कार्ड (Gopal Credit Card) – यदि उपलब्ध हो।
- लखपति दीदी कार्ड (Lakhpati Didi Card) – यदि उपलब्ध हो।
- जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) – यदि लागू हो।
आवेदन कैसे करें?
1. ऑनलाइन आवेदन (Online Application)
- वेबसाइट: mmpby.rajasthan.gov.in पर जाएं।
- पंजीकरण प्रक्रिया:
- “Click to Register” बटन पर क्लिक करें।
- जन आधार संख्या और आधार नंबर दर्ज करें।
- आवश्यक विवरण भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- “Submit” बटन पर क्लिक करके आवेदन पूरा करें।
2. ऑफलाइन आवेदन (Offline Application)
- ई-मित्र केंद्र: निकटतम ई-मित्र केंद्र पर जाएं।
- प्रक्रिया:
- ई-मित्र ऑपरेटर की सहायता से आवेदन फॉर्म भरें।
- आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करें।
- आवेदन फॉर्म जमा करें।
- पंजीकरण की पुष्टि एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी।
मोबाइल ऐप से आवेदन
- ऐप डाउनलोड करें: Google Play Store से “Mangla Pashu Bima Yojana” ऐप डाउनलोड करें।
- पंजीकरण प्रक्रिया:
- ऐप खोलें और जन आधार संख्या दर्ज करें।
- आवश्यक विवरण भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- “Submit” बटन पर क्लिक करके आवेदन पूरा करें।
नोट: आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2025 है। चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। चयनित लाभार्थियों को पॉलिसी विवरण एसएमएस के माध्यम से भेजे जाएंगे।
FAQs
Q1. Mangla Pashu Bima Yojana 2025 क्या है?
यह राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है, जो पशुपालकों के 21 लाख पशुओं के लिए निशुल्क बीमा प्रदान करती है।
Q2. योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आधिकारिक वेबसाइट mmpby.rajasthan.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।
Q3. क्या योजना में कोई प्रीमियम देना होगा?
नहीं, योजना पूरी तरह निशुल्क है।
Q4. योजना के तहत कितना बीमा कवरेज मिलेगा?
पशु की नस्ल और उत्पादन क्षमता के आधार पर अधिकतम ₹40,000 तक।
Q5. आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 जनवरी 2025 है।

