किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने पीएम धन-धान्य कृषि योजना 2025 (PM Dhan Dhanya Krishi Yojana 2025) की घोषणा की है। इस योजना के तहत 100 जिलों के 1.7 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार इस योजना के माध्यम से कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने, किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रख रही है।
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana का संक्षिप्त विवरण
| योजना का नाम | PM Dhan Dhanya Krishi Yojana 2025 |
|---|---|
| घोषणा की गई | भारत सरकार |
| लाभार्थी | 100 जिलों के 1.7 करोड़ किसान |
| उद्देश्य | किसानों की आय बढ़ाना और कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करना |
| लॉन्च वर्ष | 2025 |
| मुख्य लाभ | वित्तीय सहायता, कृषि उपकरण सब्सिडी, आधुनिक तकनीक |
| क्रियान्वयन क्षेत्र | भारत के विभिन्न राज्यों के चयनित जिले |
PM Dhan Dhanya Krishi Yojana का उद्देश्य
- किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना ताकि वे खेती में नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर सकें।
- 100 जिलों के 1.7 करोड़ किसानों को सीधा लाभ पहुंचाना।
- कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना।
- किसानों को बेहतर कृषि उपकरण और उन्नत बीज उपलब्ध कराना।
- खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और कृषि निर्यात को बढ़ाना।
पीएम धन-धान्य कृषि योजना के प्रमुख लाभ
| लाभ | विवरण |
|---|---|
| सीधी आर्थिक सहायता | किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। |
| उन्नत कृषि तकनीक | स्मार्ट खेती और नई तकनीकों को अपनाने का मौका। |
| कृषि उपकरण सब्सिडी | आधुनिक कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दी जाएगी। |
| उन्नत बीज और खाद | किसानों को उन्नत बीज और खाद मुफ्त या कम कीमत पर। |
| जल प्रबंधन योजनाएं | जल संरक्षण और ड्रिप सिंचाई जैसी योजनाओं का विस्तार। |
| फसल बीमा योजना | प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए विशेष बीमा कवर। |
योजना की संरचनात्मक डिजाइन और संस्थागत तंत्र
- राष्ट्रीय स्तर पर: एक राष्ट्रीय संचालन समिति द्वारा योजना की निगरानी की जाएगी।
- केंद्रीय स्तर पर दो टीमों का गठन किया जाएगा: एक केंद्रीय मंत्रियों के अधीन तथा दूसरी सचिवों और विभागीय अधिकारियों के अधीन।
- राज्य स्तर पर: नोडल समितियां निगरानी करेंगी।
- जिला स्तर पर: जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में जिला धन-धान्य समितियां निगरानी करेंगी।
- जिला-स्तरीय योजनाएं जिला कलेक्टरों द्वारा कृषि विश्वविद्यालयों और नीति आयोग के सहयोग से तैयार की जाएगी।
- पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डिजिटल डैशबोर्ड, किसान ऐप और जिला रैंकिंग प्रणाली (117 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों – KPIs) का उपयोग किया जाएगा।
- प्रत्येक जिले के लिए केंद्रीय नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। वे नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण करेंगे, प्रगति की निगरानी करेंगे और स्थानीय टीमों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
पात्रता मापदंड
- निवास: योजना का लाभ भारत के 100 जिलों के किसानों को मिलेगा।
- आयु सीमा: योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के किसान पात्र होंगे।
- भूमि स्वामित्व: जिन किसानों के पास कम से कम 1 एकड़ कृषि भूमि है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
- अन्य योजनाओं का लाभ: यह योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) जैसी अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी होगी।
जरूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड (पहचान के लिए)
- खेत का स्वामित्व प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण (DBT के लिए)
- राज्य सरकार द्वारा जारी किसान पहचान पत्र
- भूमि रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी की प्रति)
पीएम धन-धान्य कृषि योजना में आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- आधिकारिक पोर्टल (agricoopgov.org) पर जाएं।
- “पीएम धन-धान्य कृषि योजना पंजीकरण” लिंक पर क्लिक करें।
- सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- आवेदन फॉर्म को सबमिट करें और रसीद प्राप्त करें।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या पंचायत भवन पर जाएं।
- आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें।
- सबमिशन के बाद लाभार्थी सूची में नाम की पुष्टि करें।
योजना से जुड़े अन्य कृषि सुधार कार्यक्रम
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना – किसानों को ₹6,000 की वार्षिक आर्थिक सहायता।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना – प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए कृषि बीमा कवर।
- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) – किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए सहायता।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) – अब ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख तक का कृषि ऋण।
प्रमुख लाभ
| पहलू | लाभ |
| फसल उपज | उच्च उत्पादकता वाले बीज, जैव उर्वरक और ड्रिप सिंचाई प्रणाली जैसी आधुनिक उपकरणों पर 50-80% तक की छूट प्राप्त होगी। |
| वित्तीय सहायता | अल्पकालिक ऋण: ₹50,000 – ₹1 लाख तक का ऋण 4-7% ब्याज दर पर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से बीज, उर्वरक या कीटनाशक जैसी आवश्यकताओं के लिए। |
| दीर्घकालिक ऋण: ₹1 लाख–10 लाख तक का ऋण पूंजीगत निवेश (जैसे ट्रैक्टर, भंडारण इकाइयां आदि) के लिए। | |
| भंडारण | ग्राम एवं ब्लॉक स्तर के गोदामों व शीत भंडारण (Cold storage) का निःशुल्क या कम लागत पर उपयोग। |
| सिंचाई | ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी। |
| बाजार तक पहुंच | खरीदारों को सीधी बिक्री के लिए ई-नाम (e-NAM) या नए प्रधान मंत्री डिजिटल कृषि योजना (PMDDKY) ऐप्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म तक निःशुल्क पहुंच प्राप्त होगी। |
| आधुनिक कौशल और वैश्विक संपर्क | कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs), कृषि विश्वविद्यालयों और निजी साझेदारों द्वारा जैविक कृषि, यंत्रीकरण, एवं संबद्ध गतिविधियों पर निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।500 किसानों को पूर्णतः वित्तपोषित अंतरराष्ट्रीय यात्राएं, जैसे इजराइल (ड्रिप सिंचाई), जापान (परिशुद्ध कृषि) आदि देशों में उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। |
FAQs | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: पीएम धन-धान्य कृषि योजना क्या है?
- उत्तर: यह एक सरकारी योजना है, जिसके तहत 100 जिलों के 1.7 करोड़ किसानों को वित्तीय सहायता और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिलेगा।
प्रश्न 2: इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
- उत्तर: योजना का लाभ केवल 100 चयनित जिलों के किसान उठा सकते हैं, जिनके पास कम से कम 1 एकड़ कृषि भूमि हो।
प्रश्न 3: योजना के तहत क्या-क्या सहायता दी जाएगी?
- उत्तर: किसानों को आर्थिक सहायता, कृषि उपकरण सब्सिडी, उन्नत बीज, खाद और सिंचाई योजनाओं का लाभ मिलेगा।
प्रश्न 4: इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
- उत्तर: आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल जल्द ही लॉन्च किया जाएगा।
प्रश्न 5: क्या पीएम धन-धान्य कृषि योजना फसल बीमा योजना से जुड़ी होगी?
- उत्तर: हां, इस योजना के तहत किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी मिलेगा।
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