छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी जीवन स्थिति में सुधार लाने के लिए “Bhumihin Krishi Majdur Yojana 2025” की शुरुआत की है। इस योजना के तहत, भूमिहीन कृषि मजदूरों को हर साल ₹10,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी।
Overview of Bhumihin Krishi Majdur Yojana
| योजना का नाम | भूमिहीन कृषि मजदूर योजना 2025 |
|---|---|
| राज्य | छत्तीसगढ़ |
| घोषणा की गई | मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा |
| लाभार्थी | भूमिहीन कृषि मजदूर |
| लाभ | हर साल ₹10,000 की आर्थिक सहायता |
| सहायता राशि अवधि | 5 साल तक |
| स्थानांतरण विधि | लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से |
Bhumihin Krishi Majdur Yojana का उद्देश्य
- भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
- उनकी गरीबी को कम करना और जीवन स्तर में सुधार लाना।
- मजदूरों को बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च करने के लिए प्रोत्साहित करना।
- राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना।
भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के लाभ
- आर्थिक सहायता: हर साल ₹10,000 की सहायता राशि।
- डीबीटी के माध्यम से भुगतान: राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
- जीवन स्तर में सुधार: मजदूरों को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने और बेहतर भविष्य के लिए सहायता।
- रोजगार के अवसर: योजना के माध्यम से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का बढ़ावा।
पात्रता मापदंड
- निवास:
आवेदक छत्तीसगढ़ राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए। - आय सीमा:
आवेदनकर्ता की वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। - उम्र सीमा:
न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं है। - भूमिहीनता:
केवल वे मजदूर पात्र होंगे जिनके पास खुद की कृषि भूमि नहीं है। - बैंक खाता:
आवेदक के पास डीबीटी-सक्षम बैंक खाता होना चाहिए।
जरूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- बैंक पासबुक की कॉपी
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
आवेदन की प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- https://revenue.cg.nic.in/ddubkmky/ पर जाएं।
- “पंजीकरण” लिंक पर क्लिक करें।
- मांगी गई जानकारी और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- आवेदन जमा करें और रसीद डाउनलोड करें।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या ग्राम पंचायत कार्यालय जाएं।
- आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और जानकारी भरें।
- आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न करें।
- फॉर्म जमा करें और रसीद प्राप्त करें।
योजना का प्रभाव
- छत्तीसगढ़ के 5,62,112 भूमिहीन कृषि मजदूर लाभान्वित होंगे।
- मजदूरों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी कम होगी।
- बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक खर्च करने का अवसर मिलेगा।
5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कुल 5 लाख 62 हजार 112 हितग्राहियों को इस योजना का लाभ मिलने जा रहा है। इस योजना के तहत पाँच सौ 62 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये हम भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को शुरू करने के पीछे हमारा उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है।
इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी आदि पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, माँझी परिवारों को भी शामिल किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने भूमिहीन मजदूर हितग्राहियों को 10 हजार रुपए की राशि का चेक वितरित किया।
किसानों को फरवरी में मिलेगा धान खरीद का बोनस
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर इस साल भी राज्य में धान की खेती (Paddy cultivation) करने वाले किसानों को धान की खरीद पर 800 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस (Bonus) देने का निर्णय लिया है। हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है।
इस निर्णय के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) यानी एमएसपी (MSP) पर धान की फसल बेचने वाले प्रदेश के करीब 27 लाख किसानों को राज्य सरकार की ओर से घोषित दर के अनुसार 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। अभी किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद की जा रही है।
शेष अंतर की राशि का भुगतान सरकार अगले फरवरी माह में किसानों को करेगी। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से 2025 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (Paddy MSP for 2025) 2300 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया हुआ है। ऐसे में अंतर राशि 800 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों को अलग से भुगतान किया जाएगा।
यह राशि राज्य के किसानों के खाते में फरवरी महीने में ट्रांसफर की जाएगी। कैबिनेट की ओर से खरीफ विपणन वर्ष 2024–25 में उपार्जित धान में से अतिशेष धान की नीलामी को ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये निराकरण करने का निर्णय लिया गया है।
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FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल )
1. भूमिहीन कृषि मजदूर योजना 2025 क्या है?
- यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भूमिहीन कृषि मजदूरों को हर साल ₹10,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।
2. इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
- छत्तीसगढ़ राज्य के स्थायी निवासी भूमिहीन कृषि मजदूर, जिनके पास खुद की कृषि भूमि नहीं है।
3. आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
- आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, और पासपोर्ट साइज फोटो।
4. आवेदन कैसे करें?
- आप https://revenue.cg.nic.in/ddubkmky/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या अपने नजदीकी कृषि कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
5. सहायता राशि कब मिलेगी?
- सहायता राशि साल में 2 या 4 किस्तों में सीधे बैंक खाते में जमा की जाएगी।
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