Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है जो किसानों को फसल नुकसान के जोखिम से बचाती है। इस योजना के तहत किसानों को प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि) के कारण फसल नुकसान पर 90% तक की क्षतिपूर्ति मिलती है।
PMFBY 2025 Key Highlights Table
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) |
|---|---|
| लाभार्थी | भारत के सभी किसान |
| बीमा कवरेज | फसल नुकसान का 90% तक |
| प्रीमियम दर | 1.5%-2% (रबी/खरीफ फसलें) |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन/ऑफलाइन |
| आधिकारिक वेबसाइट | https://pmfby.gov.in |
मुख्य लाभ
- 90% तक क्षतिपूर्ति: प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान पर पूरा मुआवजा।
- कम प्रीमियम: रबी फसलों के लिए 1.5% और खरीफ फसलों के लिए केवल 2% प्रीमियम।
- आसान दावा प्रक्रिया: मोबाइल ऐप या CSC केंद्रों पर दावा करें।
PMFBY के लिए पात्रता
- आवेदक भारत का किसान होना चाहिए।
- भूमि के दस्तावेज (खसरा/खतौनी) होने चाहिए।
- बैंक खाता आधार से लिंक होना आवश्यक है।
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि के कागजात (खतौनी)
- बैंक खाता विवरण
- मोबाइल नंबर
PM Fasal Bima Yojana 2025 आवेदन कैसे करें?
- ऑनलाइन:
- PMFBY आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- “Apply Now” पर क्लिक कर फॉर्म भरें।
- दस्तावेज अपलोड कर सबमिट करें।
- ऑफलाइन:
- नजदीकी CSC केंद्र या कृषि विभाग कार्यालय में आवेदन करें।
पीएमएफबीवाई के लिए पात्रता
पीएमएफबीवाई के तहत चिन्हित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों की खेती करने वाले किसान इस योजना से लाभान्वित हो सकते हैं:
आवेदक बीमित भूमि पर कृषक या बटाईदार होना चाहिए।
- – वैध भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र या किरायेदारी समझौता आवश्यक है।
- – बीमा कवरेज के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर (आमतौर पर बुवाई के मौसम के दो सप्ताह के भीतर) आवेदन करना होगा।
- – किसान को उसी फसल के नुकसान के लिए किसी अन्य स्रोत से मुआवजा नहीं मिला होना चाहिए।
- भाग लेने वाले बैंकों के 18 से 70 वर्ष की आयु के बचत खाताधारक ऑटो-डेबिट के लिए सहमति देकर इस योजना में शामिल हो सकते हैं। संयुक्त खाताधारकों के मामले में, दोनों खाताधारक प्रत्येक खाताधारक के लिए प्रीमियम का भुगतान करके इस योजना में शामिल होने के पात्र हैं।
- – एक वैध बैंक खाता होना अनिवार्य है। किसान को पंजीकरण के दौरान खाते का विवरण और पहचान का प्रमाण देना होगा।
- – अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसलों की खेती करने वाले और बीमा योग्य हित रखने वाले किसान पात्र हैं।
जोखिम
पीएमएफबीवाई योजना सूखे, बाढ़, कीटों, बीमारियों, प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की स्थितियों के कारण फसल के नुकसान जैसे जोखिमों को कवर करती है। पीएमएफबीवाई के अंतर्गत कवर किए गए कुछ जोखिम इस प्रकार हैं:
- 1. उपज हानि कवरेज
- यह योजना बाढ़, सूखा, चक्रवात और अन्य अप्रत्याशित घटनाओं जैसी प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करती है। इसलिए, यदि आपके खेत तूफानों से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, तो यह पॉलिसी पीएमएफबीवाई के तहत मुआवजा प्रदान कर सकती है।
- 2. बुवाई को रोका गया
- प्रतिकूल मौसम के कारण बुवाई करने में असमर्थ किसान, खर्च वहन करने के बावजूद, बीमा राशि के 25% तक का दावा कर सकते हैं।
- 3. फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान
- चक्रवातों, बेमौसम बारिश आदि से खेतों में सूख रही फसलों के लिए कटाई के बाद 14 दिनों तक का कवरेज उपलब्ध है।
- 4. स्थानीय आपदाएँ
- पीएमएफबीवाई अधिसूचित क्षेत्रों में व्यक्तिगत खेतों को प्रभावित करने वाले ओलावृष्टि, भूस्खलन या बाढ़ से होने वाले नुकसान को कवर करता है।
प्रीमियम दरें और सरकारी सब्सिडी संरचना
पीएमएफबीवाई के तहत एक्चुअरियल प्रीमियम दर (एपीआर) लागू होती है। यह दर बीमा राशि पर लागू होती है। इस योजना के तहत किसानों द्वारा देय अधिकतम प्रीमियम दर निम्नलिखित तालिका का उपयोग करके निर्धारित की जाती है:
| खरीफ | सभी खाद्य अनाज और तिलहन फसलें | बीमा राशि का 2% |
| रबी | सभी खाद्य अनाज और तिलहन फसलें | बीमा राशि का 1.5% |
| खरीफ और रबी | वार्षिक वाणिज्यिक / वार्षिक बागवानी फसलें बारहमासी बागवानी फसलें (पायलट आधार पर) | बीमा राशि का 5% |
FAQs
Q1. PMFBY का पूरा नाम क्या है?
A: Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना)।
Q2. कितने प्रतिशत तक बीमा कवर मिलता है?
A: 90% तक फसल नुकसान का कवरेज।
Q3. प्रीमियम रेट क्या है?
A: रबी फसलें: 1.5%, खरीफ फसलें: 2%।
Q4. दावा कैसे करें?
A: आधिकारिक वेबसाइट या CSC केंद्र पर दावा फॉर्म जमा करें।
Free Tarbandi Yojana 2026: किसानों के लिए फ्री तारबंदी योजना की पूरी जानकारी
High Court Peon Recruitment 2026: 8वीं/10वीं पास के लिए सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका
Jay Pansuriya is a dedicated blogger and content writer who provides accurate and timely updates on Sarkari Jobs, government recruitment notifications, and various government welfare schemes (Yojanas).
