हरियाणा सरकार ने सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और जातिवाद को समाप्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना (Haryana Inter Caste Marriage Scheme 2025) शुरू की है। इस योजना के तहत, राज्य में अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को ₹2,50,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
Haryana Inter Caste Marriage जातिवाद को समाप्त करने और समाज में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई एक सरकारी योजना है। इस योजना के तहत अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को ₹2,50,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
योजना का लाभ
- ₹1,25,000 की राशि तुरंत दंपत्ति के संयुक्त बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
- बाकी ₹1,25,000 की राशि को तीन वर्ष की लॉक-इन अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में डाला जाता है।
पात्रता मापदंड
- नागरिकता और निवास: दोनों पति-पत्नी भारतीय नागरिक होने चाहिए और हरियाणा के स्थायी निवासी होने चाहिए।
- जाति: एक पति-पत्नी में से एक अनुसूचित जाति (SC) से होना चाहिए और दूसरा सामान्य जाति (General) से होना चाहिए।
- पहली शादी: यह योजना केवल पहली शादी के लिए लागू है; दोनों में से किसी की भी पूर्व शादी नहीं होनी चाहिए।
- विवाह पंजीकरण: विवाह हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत पंजीकृत होना चाहिए।
- आवेदन की समय सीमा: विवाह के तीन वर्षों के भीतर आवेदन करना आवश्यक है।
आवश्यक दस्तावेज़
- विवाह प्रमाण पत्र (नागरिक विवाह या पंजीकृत विवाह प्रमाण पत्र)
- दोनों पति-पत्नी के जाति प्रमाण पत्र
- दोनों की आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रतियां
- संयुक्त बैंक खाता पासबुक की स्कैन की गई प्रति
- उम्र प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र या कक्षा 10 की मार्कशीट)
- संयुक्त पासपोर्ट साइज फोटो
- एफिडेविट (स्व-घोषणा पत्र) जिसमें यह उल्लेख हो कि यह दोनों की पहली शादी है
आवेदन प्रक्रिया
- ऑनलाइन आवेदन: SARAL पोर्टल पर लॉगिन करें।
- फॉर्म भरें: आवश्यक विवरण भरें और सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
- जिला कल्याण अधिकारी से सत्यापन: आवेदन पत्र संबंधित जिला कल्याण अधिकारी के पास सत्यापन के लिए भेजा जाएगा।
- स्वीकृति और भुगतान: सत्यापन के बाद, स्वीकृति मिलने पर ₹1,25,000 की राशि संयुक्त बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी और ₹1,25,000 की राशि तीन वर्ष की लॉक-इन अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में डाली जाएगी।
योजना का विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना |
| लाभार्थी | हरियाणा के स्थायी निवासी, जिनमें से एक अनुसूचित जाति (SC) से हो और दूसरा सामान्य जाति से |
| विवाह का प्रकार | पहली शादी (दोनों के लिए) |
| विवाह पंजीकरण | हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत पंजीकृत विवाह |
| विवाह की तारीख | आवेदन की तारीख से 3 वर्ष के भीतर |
| वित्तीय सहायता | ₹2,50,000 (₹1,25,000 तुरंत, ₹1,25,000 3 वर्ष की लॉक-इन अवधि के बाद) |
| आवेदन प्रक्रिया | SARAL पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन |
| आवेदन की अंतिम तिथि | विवाह के 3 वर्षों के भीतर |
योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में जातिवाद को समाप्त करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। सरकार अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करके विभिन्न जातियों के बीच सामंजस्य और भाईचारे की भावना को मजबूत करना चाहती है।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
| घटना | तारीख |
|---|---|
| योजना की शुरुआत | 15 सितंबर 2025 |
| आवेदन की अंतिम तिथि | विवाह के 3 वर्षों के भीतर |
संपर्क जानकारी
- स्थानीय जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय: अपने नजदीकी कार्यालय से संपर्क करें।
- अधिक जानकारी के लिए: SEWA विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
यह योजना अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने और सामाजिक समरसता को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। यदि आप या आपके जानने वाले इस योजना के पात्र हैं, तो समय रहते आवेदन करें और इस लाभ का लाभ उठाएं।
FAQs
Q1: Haryana Inter Caste Marriage Scheme 2025 क्या है?
- Ans: यह योजना अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा चलाई जा रही है, जिसमें ₹2,50,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है।
Q2: योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
- Ans: इस योजना का लाभ वही जोड़े उठा सकते हैं जिनमें से एक व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का हो और दूसरा सामान्य वर्ग का हो।
Q3: आवेदन की प्रक्रिया क्या है?
- Ans: आवेदन ऑनलाइन haryanascbc.gov.in पोर्टल पर किया जा सकता है।
Q4: योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
- Ans: योजना के तहत ₹2,50,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
Q5: क्या यह योजना भारत के अन्य राज्यों में भी लागू है?
- Ans: हां, इस तरह की Inter Caste Marriage Scheme Rajasthan, UP, Bihar, Maharashtra, Tamil Nadu, Odisha, Karnataka आदि राज्यों में भी लागू है।
