Agriculture Sahakari Samithi Recruitment 2025: अगर आप बैंकिंग या सहकारी क्षेत्र (Co-operative Sector) में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो साल 2025 की शुरुआत आपके लिए अच्छी खबर लेकर आई है। दक्षिण भारत बहुराज्यीय कृषि सहकारी समिति लिमिटेड (SIMCO) ने नई भर्ती का ऐलान कर दिया है।
यह भर्ती उन युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो एक सुरक्षित और सम्मानित नौकरी की तलाश में हैं। इस बार कंपनी ने मैनेजर, क्लर्क और ऑफिस असिस्टेंट समेत कुल 52 पदों पर आवेदन मांगे हैं। चलिए, आसान भाषा में समझते हैं कि इसमें कौन आवेदन कर सकता है और फॉर्म कैसे भरना है।
कौन-कौन से पद हैं और कितनी वैकेंसी है?
SIMCO ने कुल 52 सीटों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। अच्छी बात यह है कि इसमें अलग-अलग योग्यता वाले लोगों के लिए अलग-अलग पद हैं:
- सोशल मार्केटिंग मैनेजर: 12 पद
- क्रेडिट एक्जीक्यूटिव: 20 पद (सबसे ज्यादा मौका यहीं है)
- क्लर्क: 10 पद
- ऑफिस असिस्टेंट: 10 पद
(ध्यान दें: आप इनमें से केवल किसी एक पद के लिए ही आवेदन कर सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर चुनें।)
सैलरी कितनी मिलेगी?
नौकरी लगने के बाद पद के हिसाब से आपकी सैलरी तय होगी। नोटिफिकेशन के मुताबिक, वेतनमान ₹5,200 से लेकर ₹28,200 के बीच रखा गया है। इसके अलावा, प्रोबेशन पीरियड (परिवीक्षा अवधि) 1 साल का होगा, जिसके बाद आपकी नौकरी पक्की मानी जाएगी।
चयन कैसे होगा? (Selection Process)
इसमें नौकरी पाने के लिए आपको तीन चरणों से गुजरना होगा:
- लिखित परीक्षा (Written Exam): 100 नंबर का पेपर होगा, जिसके लिए आपको डेढ़ घंटे (90 मिनट) का समय मिलेगा।
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: आपके कागजातों की जांच होगी।
- इंटरव्यू: अंत में एक छोटा सा साक्षात्कार होगा।
आवेदन फीस
फॉर्म भरने के लिए आपको थोड़ी फीस भी देनी होगी:
- जनरल / ओबीसी / EWS के लिए: ₹500
- SC / ST के लिए: ₹250
(फीस का भुगतान बैंक चालान के जरिए करना होगा।)
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आवेदन कैसे करें?
दोस्तों, आजकल ज्यादातर फॉर्म ऑनलाइन भरे जाते हैं, लेकिन SIMCO का यह फॉर्म ऑफलाइन (डाक द्वारा) भरना है। इसमें गलती की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए, इसलिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
- सबसे पहले SIMCO की वेबसाइट (www.simcoagri.com) से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें और उसका प्रिंट निकाल लें।
- साफ-सुथरे अक्षरों में अपनी सारी जानकारी भरें।
- फॉर्म के साथ अपने पढ़ाई के सर्टिफिकेट, जाति प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी कागजों की फोटोकॉपी (Self-attested) लगाएं।
- एक लिफाफे में फॉर्म और कागज डालें। साथ में एक स्व-संबोधित (Self-addressed) लिफाफा भी डालें जिस पर उचित डाक टिकट लगा हो (ताकि एडमिट कार्ड आपके घर आ सके)।
इस पते पर भेज दें:
दक्षिण भारत बहुराज्यीय कृषि सहकारी समिति लिमिटेड (SIMCO), क्रमांक 35, प्रथम पश्चिम चौराहा रोड, सरकारी विधि महाविद्यालय के निकट, गांधी नगर, वेल्लोर – 632006 (तमिलनाडु)
आप इसे स्पीड पोस्ट, कूरियर से भेज सकते हैं या खुद जाकर भी जमा कर सकते हैं।
जरूरी तारीख (Deadline)
इंतजार मत करिए! आवेदन पत्र पहुँचने की आखिरी तारीख 20 जनवरी 2026 है। डाक से भेजने में समय लगता है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, फॉर्म भेज दें।
यह उन लोगों के लिए अच्छा मौका है जो कृषि और सहकारी क्षेत्र में काम करना चाहते हैं। 52 पद कम नहीं होते, अगर आपकी तैयारी अच्छी है, तो एक सीट आपकी हो सकती है। आज ही नोटिफिकेशन डाउनलोड करें और तैयारी में लग जाएं!
सहकारी नीति 2025 क्या है?
- राष्ट्रीय सहकारी नीति 2025 एक नया नीतिगत ढांचा है जिसे भारत के सहकारी क्षेत्र को पुनर्जीवित और आधुनिक बनाने के लिए तैयार किया गया है।
- यह 2002 की पूर्ववर्ती नीति का स्थान लेती है, और पिछले दो दशकों में वैश्वीकरण और तकनीकी प्रगति के कारण आए परिवर्तनों के अनुरूप है।
- इस नीति का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को समावेशी, पेशेवर रूप से प्रबंधित, भविष्य के लिए तैयार और विशेष रूप से ग्रामीण भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा करने में सक्षम बनाना है।
- यह 2025 से 2045 की अवधि को सहकारी आंदोलन के लिए एक मील का पत्थर मानता है, जो “विकसित भारत 2047” (विकसित भारत 2047) के लक्ष्य के अनुरूप है।
मुख्य विवरण और लॉन्च:
- केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह 24 जुलाई, 2025 को नई दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 का अनावरण करेंगे।
- पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु की अध्यक्षता में 48 सदस्यीय राष्ट्रीय स्तर की समिति ने हितधारकों के सुझावों को शामिल करने के लिए 17 बैठकों और चार क्षेत्रीय कार्यशालाओं के बाद नीति का मसौदा तैयार किया।
- इस नीति का उद्देश्य सभी पंचायतों और गांवों को शामिल करते हुए पांच वर्षों के भीतर 2 लाख नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पीएसीएस), डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियां स्थापित करना है।
- राज्यों को 31 जनवरी, 2026 तक स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अपनी सहकारी नीतियां विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
इससे किसे फायदा होगा?
- किसान और ग्रामीण समुदाय: पीएसीएस को मजबूत करके और डेयरी और मत्स्य पालन सहकारी समितियों को बढ़ावा देकर, यह नीति ग्रामीण आय में वृद्धि करेगी, बेहतर बाजार पहुंच प्रदान करेगी और उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करेगी।
- लघु उद्यमी: सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण और संसाधनों तक बेहतर पहुंच से उनके विकास में सुविधा होगी।
- महिलाएं और युवा: इस नीति का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार और आजीविका के अवसर पैदा करना है।
- सहकारी क्षेत्र समग्र रूप से: यह नीति पेशेवर प्रबंधन, पारदर्शिता और आधुनिक पद्धतियों को लाएगी, जिससे सहकारी संस्थानों की दीर्घकालिक स्थिरता और विकास सुनिश्चित होगा।
- भारतीय अर्थव्यवस्था: सहकारी क्षेत्र को बढ़ावा देकर, यह नीति भारत की आर्थिक वृद्धि और एक विकसित राष्ट्र बनने के उसके दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

